हाथ धुलाई दिवस में विद्यालय की भूमिका – Hand Washing History

हाथ धुलाई दिवस में विद्यालय की भूमिका Hand Washing Day शिक्षक बतलायेंगे हाथ धोने का सही तरीका
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हाथ धुलाई दिवस – Hand Washing Day

विश्व हाथ धुलाई दिवस ग्लोबल हैंडवाशिंग डे क्या है इसकी शुरुआत कब हुई और इस अवसर पर विद्यालय की क्या भूमिका हैं। साथ ही साथ जानें हाथ धोने का सही तरीका …..विस्तार से जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें।

हाथ धुलाई दिवस की शुरुआत

ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की शुरुआत ग्लोबल हैंडवाशिंग पार्टनरशिप द्वारा अगस्त 2008 में स्कॉटहोम में वार्षिक विश्व जल सप्ताह में की गई थी। इसका मतलब है कि पहला वैश्विक हाथ धोने का दिन 15 अक्टूबर 2008 को हुआ था। यानी विश्व हाथ धुलाई की शुरुआत 15 अक्टूबर 2008 को होती है। और उसी के बाद 15 अक्टूबर को हर साल विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। यह 15 अक्टूबर का दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा नियुक्त किया गया था।
यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है और वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। कोरोना काल के बाद इसका महत्व काफी बढ़ गया है और अपने देश में भी बढ़-चढ़कर मनाया जाता है।

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विश्व हाथ धुलाई दिवस का उद्देश्य

हाथ धुलाई जो है हाथ के स्वच्छता से संबंधित है। हाथ की स्वच्छता अपने हाथों को साफ करने का एक तरीका है जो हाथों पर संभावित रोगाणु जनक यानी हानिकारक सूक्ष्मजीवों का काफी हद तक कम कर देता है। रोगियों को और स्वास्थ्य की देखभाल कर्मियों के बीच संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने के लिए हाथ की स्वच्छता को प्राथमिक उपाय माना जाता है। और यही वजह है कि कोरोना काल में भी हाथ धुलाई का काफी प्रचलन बढ़ा है।

हाथ धुलाई दिवस में विद्यालय की भूमिका

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा भी विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर हाथ धुलाई कार्यक्रम के आयोजन और इसके प्रति शपथ की निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को यह आदेश दिया गया है कि 15 अक्टूबर के दिन विद्यालय में बच्चों को हाथ धुलाई का महत्व समझाया जाए। हाथ धुलाई के फायदे हाथ धोने के सही तरीके बच्चों को बताया जाए। इस अवसर पर छात्रों को यह संदेश दिया जाएगा के हाथ धुलाई किस प्रकार हमें संक्रमण से बचाता है और किस प्रकार हम डायरिया दस्त पीलिया जैसे रोगों से बच सकते हैं। किस प्रकार हमने हाथ धुलाई की मुहिम चलाकर कोरोना काल में खुद की सुरक्षा की है और आगे भी सुरक्षित रहेंगे। इस अवसर पर सभी शिक्षक अपने अपने विद्यालय में छात्रों को हाथ धुलाई का संदेश देंगे हाथ धुलाई का प्रदर्शन करने के साथ-साथ हाथ धुलाई का शपथ भी दिलाएंगे।
साथ ही साथ आप सभी का यह कर्तव्य है कि इस संदेश को आप आमजन तक पहुंचाएं इसके लिए आप सोशल मीडिया का सहारा ले। आप जिसका उपयोग अपने विचार साझा करने में करते हैं उसी माध्यम से इस हाथ धुलाई को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि हमारा देश संक्रमण से बचा रहे। हम स्वस्थ रहें सुरक्षित रहें।

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हाथ धुलाई का सही तरीका

अंत में मैं आपको यह बताऊंगा कि हम धोने का सही तरीका क्या है। निचे देखिये यह हाथ धुलाई के 8 स्टेप हैं। आप हाथ को धोने से पहले सबसे पहले पानी डालें फिर उसमें साबुन लगाएं फिर अच्छे से उसे मले। उंगलियों को, अंगूठे को, दो उंगलियों के बीच के हिस्से को इस प्रकार काफी झाग बनेगा और उसे अच्छे से धोएं। पानी बहा-बहा कर धोएं। यह हाथ धोने की सही विधि है।

हाथ धुलाई का सही तरीका
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