छलांग (CHHALANG) प्रशिक्षण कार्यक्रम क्या है – आवश्यकता और उद्देश्य

छलांग (chhalang) प्रशिक्षण कार्यक्रम
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छलांग (CHHALANG) प्रशिक्षण कार्यक्रम

छलांग प्रशिक्षण कार्यक्रम पिरामल फाउन्डेशन के द्वारा चलाये जा रहा कार्यक्रम है। सामान्यतः यह दो दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण होता है। छात्र-छात्राएं जब थोड़े बड़े हो जाते हैं तो उनको शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता होती है। इसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए छलांग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। सर्वप्रथम यह कार्यक्रम चयनित शिक्षकों को दिया जाता है। तत्पश्चात प्रशिक्षित शिक्षक विद्यालय में जाकर कक्षा 6 से 8 के छात्र छात्राओं को शारीरिक शिक्षा देते हैं। इसके साथ ही खेलकूद को भी बढ़ावा दिया जाता है क्योंकि खेलकूद भी शारीरिक शिक्षा से संबंधित है। खेलने कूदने में व्यक्ति का स्वास्थ्य बनता है, व्यायाम होता है। इस प्रकार शारीरिक साक्षरता को बढ़ावा मिलता है।

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छलांग प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य

प्रशिक्षण का मुख्य उद्धेश्य संबंधित विद्यालयों में कक्षा-6-8 के छात्र-छात्राओं में शारीरिक साक्षरता एवं खेल-कूद शिक्षा को बढ़ावा देना है। खेलकूद को बढ़ावा देकर शारीरिक साक्षरता का प्रसार करके शरीर को रोग मुक्त बनाना है। व्यक्ति जब व्यायाम से वंचित होता है तो वह बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। इस प्रकार व्यक्ति को शारीरिक साक्षरता के अभाव में इन सब परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य यही है इस समय पूर्व छात्र छात्राओं को शारीरिक शिक्षा देकर उसे प्रशिक्षित कर दिया जाए खेलकूद की आदत डाल कर व्यायाम का अवसर दिया जाए ताकि छात्र छात्राएं स्वस्थ रहें।

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कैसे होता है छलांग प्रशिक्षण

प्रत्येक विद्यालय में प्रत्येक विषय के शिक्षकों की बहाली होती है। इसके अतिरिक्त शारीरिक शिक्षक और स्वास्थ्य अनुदेशकों की बहाली की जाती है। छलांग कार्यक्रम के लिए इन्हीं शारीरिक शिक्षकों को और स्वास्थ्य अनुदेशकों को प्रशिक्षित किया जाता है। क्योंकि यह शारीरिक शिक्षा को बेहतर ढंग से समझते हैं। शारीरिक शिक्षकों की बहाली सामान्यता Upper Primary उच्च प्राथमिक विद्यालय में की जाती है और प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक न एक शारीरिक शिक्षक होते हैं जो ऐसे अवसरों पर प्रशिक्षण पाकर छात्र-छात्राओं को शारीरिक शिक्षा देते हैं और उन्हें खेलकूद को बढ़ावा देकर व्यायाम के आदत डालते हैं।


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